Saturday, August 25, 2018

हिम्मत न हारिए - Good moral stories | Hindi Story

Good moral stories

हमेशा से ही Hindi Story के माध्यम से बच्चो को अच्छी शिक्षा दी जाती है. आज हम Good moral stories पढ़ेंगे. जिसको पढ़ने के बाद हमारा Confidence Level बढ़ेगा और साथ ही साथ अपने बच्चे को भी प्रेरित कर सकते है. तो आइये शुरू करते हैं.

एक राजा था. उसका नाम धर्मसिंह था. धर्मसिंह बहुत ही बहादुर था. उसके साहस की उपमा नहीं थी. वह इस बात का पूरा ध्यान रखता था की उसकी प्रजा प्रसन्न तो है, कोई राज- कर्मचारी को कष्ट तो नहीं देता. इस तरह वह हर किसी का ख्याल रखने की कोशिश करता था.

एक बार अचानक ही किसी दूसरे देश के राजा ने धर्मसिंह के राज्य के सीमा पर आक्रमण कर दिया. उसके वीर सैनिकों ने आक्रमणकारियों का बड़ी वीरता के साथ सामना किया, परन्तु सेना में सैनिकों की संख्या काम थी, अतः आक्रमणकारी राजा की ही विजय प्राप्त हुई. धर्मसिंह की सेना हार गई.

धर्मसिंह युद्ध तो हार तो गया मगर हिम्मत न हारी. अपनी पराजय का बदला लेने के लिए उसने पुनः सेना को संगठित किया. सैनिकों को उत्साहित किया और शत्रु पर आक्रमण कर दिया लेकिन उसका दुर्भाग्य. इस बार भी उसे पराजय का मुंह ही देखना पड़ा. इसी प्रकार उसने अनेक बार विजय प्राप्त करने का प्रयत्न किया परन्तु हार बार वह असफल रहा.

अंत में वह दिन भी आ गया कि धर्मसिंह जंगल में एक गुफा में रहने लगा. 

एक दिन वह गुफा में अनमना से लेता हुआ था. दोपहर का समय था और उसे नींद आ रही थी. बीती हुई घटनाएं उसके मन-मस्तिष्क में बार-बार कौंधती रहती थी.

इसी सोच-विचार में ही उसने देखा कि दीवार पर एक चींटी चढ़ रही है. उसके मुंह में अनाज का एक दाना है. 

अभी चींटी कुछ ही ऊपर चढ़ी थी कि दाना उसके मुंह से गिर गया. चींटी नीचे उतरी, अनाज का दाना पुनः उठाया और दीवार पर चढ़ना शुरू कर दिया. लेकिन छत कुछ ही दूर रह गई थी कि फिर गिर गया.

इस प्रकार दाना सोलह बार नीचे गिरा परन्तु चींटी ने हिम्मत नहीं हारी. सत्रहवीं बार वह पुनः मुंह में दाना दबाए ऊपर चढ़ने में सफल हो गई.

इस घटना को देखकर राजा धर्मसिंह के मन में पुनः उत्साह जाग गया. उसने फिर सेना संगठित की, सैनिकों को उत्साहित किया और विजयी राजा पर आक्रमण कर दिया. इस बार उसे विजयी मिली और राज्य पुनः प्राप्त कर लिया.

साथियों, इस लिए कहा गया है "मन के हारे हार है और मन के जीत. जो व्यक्ति मन से हार नहीं माने उसको दुनियां का कोई भी व्यक्ति नहीं हरा सकता है.

"हिम्मत न हारिए बिसारिए न राम को"

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