Wednesday, December 13, 2017

प्यासा कौआ: जहां चाह, वहां राह

Thirsty crow: where you want to go

Hindi Story: गर्मियों के दिन थे. एक कौआ बहुत प्यासा था. मारे गर्मी के उसका गला सूखा जा रहा था. वह पानी के तलाश में इधर से उधर उड़ रहा था. मगर कहीं भी उसे पानी नहीं दिख रहा था. गर्मी से सभी जलाशय सुख गए थे. काफी ढूंढने के बाद कौए को एक पुराने मकान के पास एक मिट्टी का घड़ा दिखाई दिया. वह तेजी से उड़ता हुआ उस घड़ा के पास गया. कौए ने उस घड़ा में झांक कर देखा. मगर यह क्या उस घड़े में थोड़ा सा पानी था. उसने काफी प्रयास किया मगर उसकी चोंच पानी तक पहुंच नहीं सकती थी. 

अचानक से उसे एक उपाय सूझा. उसने पास जमीन पर पड़े हुए कंकड़ को एक-एक कर उठाकर घड़े में डालने लगा. जैसे-जैसे वह घड़ा में कंकड़ डालता जाता वैसे-वैसे घड़े का पानी ऊपर आने लगा. यह देखकर वह काफी खुश हुआ. ऐसा करते रहने से जल्द ही उनकी चोंच पानी तक पहुंच गई. इसके बाद कौए ने जी भर कर पानी पिया और ख़ुशी से कॉव-कॉव करता उड़ गया.

दोस्तों, इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है? तो इसका जबाब होगा कि इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि "जहां चाह, वहां राह". हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोना चाहिए और उससे उबडने का प्रयास करना चाहिए. इससे कोई न कोई राह निकल ही आता है. यह कहानी आपको कैसा लगा. इसके बारे में कमेंट बॉक्स में जरूर लिखियेगा. 

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