Sunday, December 17, 2017

कबूतर और मधुमक्खी की कहानी (The story of pigeons and bees)

The story of pigeons and bees

Hindi Story: एक मधुमक्खी थी. एक बार की बात है. वह उड़ती हुई तालाब के ऊपर से गुजर रही थी. अचानक से तेज हवा आई और वह तालाब के पानी में गिर गई. उनके पंख गीले हो गए. जिसके कारण अब चाह कर भी वह नहीं उड़ सकती थी. उसको लगने लगा कि उनकी मृत्यु निश्चित है. काफी कोशिश करने के बाद भी वह उड़ नहीं पाई तो वह सहायता के लिए चिल्लाने लगी. 

तालाब के पास ही पेड़ पर एक कबूतर बैठा हुआ था. जब उसने यह सब देखा तो तुरंत ही मदद के लिए आगे आया. कबूतर ने पेड़ से एक पत्ता तोड़ा. उसे अपने चोंच में उठाकर तालाब में मधुमक्खी के पास गिरा दिया. धीरे-धीरे मधुमक्खी उस पत्ते पर चढ़ गई. इसके बाद तोड़ी ही देर में उसके गीले पंख सुख गए. उसने कबूतर को धन्यबाद दिया और उड़ कर दूर चली गई. 

कुछ दिन के बाद कबूतर पर एक संकट आया. वह एक पेड़ के डाली पर आंख मुंदकर सो रहा था. तभी गुलेल से एक लड़का उसपर निशाना साध रहा था. कबूतर उस खतरे से अंजान था. मगर संयोग से उसी मधुमक्खी ने लड़के को निशाना साधते हुए देख लिया. मधुमक्खी ने बिना देरी किये लड़के पास गई. उसने निशाना साधते हुए लड़के के हाथ पर डस लिया. लड़के के हाथ से गुलेल गिर गया. दर्द के मारे वह जोर से चिल्लाने लगा. लड़के की चीख सुनकर कबूतर की नींद खुल गई और वह जाग गया. सारा माजरा समझते ही उसने मधुमक्खी को अपनी जान बचाने के लिए धन्यबाद दिया और मजे से उड़ गया.

अब आप सोच रहें होंगे कि इस कहानी से क्या सीख मिला. तो बता दूं कि जिस तरह से कबूतर और मधुमक्खी ने मुसीबत में एकदूसरे की मदद की वह तारीफे काबिल है. इसलिए कहा गया है कि अच्छे लोग हमेशा ही दूसरे की मदद करते हैं. 

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